आज जान ही लीजिये क्रिकेट इतिहास के 10 सबसे सुस्त खिलाड़ी के बारे में

वैसे तो क्रिकेट में फुर्ती और फिटनेस बहुत मायने रखती है। आज के टाइम में अगर भारत की ही बात करें तो ज्यादातर खिलाड़ी अपनी फिटनेस को सर्वोपरि रखते हैं। लेकिन ऐसे भी कई खिलाड़ी हुए हैं जिन्हें अपनी सुस्ती और आलस्य के लिए हमेशा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। जानते हैं ऐसे ही 10 खिलाड़ियों के बारे में।

इंजमाम उल हक

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान इंजमाम उल हक को उनकी वजन और आलस्य के लिए बहुत बार आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। इंजमाम को अपने सुस्त फील्डिंग के कारण ही स्लिप पर खड़ा किया जाता था ताकि उन्हें ज्यादा दौड़ना ना पड़े। इसके साथ ही उनके नाम पाकिस्तान के लिए सबसे ज्यादा और विश्व में दूसरे सबसे ज्यादा बार रन आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है। इंजमाम पिच पर भागते हुए 40 बार रन आउट हुए हैं।

मोहम्मद शहजाद

अफगानी विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद शहजाद भी अपने वजन और सुस्ती के लिए विख्यात है। उनसे एक बार पूछा गया था कि वह विराट कोहली की तरह फिट क्यों नहीं रह सकते जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि वे अपने फिटनेस के साथ-साथ अपने खाने पर भी उतना ही ध्यान देते हैं और इसलिए विराट की तरह फिट होना उनके लिए मुश्किल होगा पर वह कोशिश कर रहे हैं।

क्रिस गेल

वेस्ट इंडियन विस्फोटक ओपनर क्रिस गेल भी क्रिकेट के सुस्त खिलाड़ियों में से एक है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इतने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में क्रिस गेल ने कभी भी 3 रन नहीं भागा है। उनका कहना है कि जब आप खड़े खड़े ही छक्के और चौके लगा सकते हो तो भागने की क्या जरूरत है।

सरफराज अहमद

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान सरफराज अहमद भी सुस्त खिलाड़ियों की सूची में शामिल होते हैं। उनको फैंस की तरफ से हमेशा अधिक वजन के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। फिटनेस टेस्ट भी पास नहीं करने के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था जिसके बाद से अब तक वह टीम में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

मुनाफ पटेल

गुजरात के बरोड़ा से आने वाले भारतीय पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल को भी अक्सर उनकी सुस्त फील्डिंग के लिए क्रिटिसाइज किया गया है। उनके आलस्य का प्रभाव उनकी गेंदबाजी में भी दिखा। जहां करियर की शुरुआत में वह 140 के ऊपर गेंदबाज़ी करते थे तो वहीं कुछ ही सालों में उनकी गति 120 के आस पास तक पहुंच गई।

ड्वेन लिवरोक

2007 विश्व कप में रोबिन उथप्पा का कैच पकड़ने वाले लिवरोक को कौन भूल सकता है। लिवराक क्रिकेट खेलने वाले सबसे वजनदार खिलाड़ियों में से एक है। 2007 विश्व कप के दौरान उनका वजन 280 पाउंड था। उन्होंने 2007 विश्व कप में बरमुंडा के खराब प्रदर्शन के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

वीरेंद्र सहवाग

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग भी क्रिकेट फील्ड में सुस्त खिलाड़ियों की सूची में आते थे। कई बार उन्होंने बाउंड्री तक जाती गेंद, जिसे आराम से डाइव करके रोका जा सकता था, उसे रोकने का प्रयास भी नहीं किया जिसकी वजह से उनकी काफी आलोचना भी हुई थी। बैटिंग करते वक्त भी सहवाग 1 और 2 रन दौड़ने के बजाय चौके और छक्के ज्यादा लगाते थे।

रोहित शर्मा

रोहित शर्मा निसंदेह मौजूदा भारतीय टीम के सबसे खतरनाक बल्लेबाज है। उनकी बैटिंग औरों से बहुत अलग है। लेकिन फिर भी रोहित कभी-कभी बहुत ही साधारण शॉट खेलकर आउट हो जाते है। इसका कारण कमेंटेटर्स ने भी उनके सुस्त रवैया को बताया।

यूसुफ पठान

आईपीएल के पहले सीजन के दौरान यूसुफ पठान ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया था। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के साथ-साथ स्पिन गेंदबाज़ी के कारण उन्हें भारतीय टीम में एक परफेक्ट ऑलराउंडर के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन उनकी सुस्त फील्डिंग और आसान कैचों को छोड़ना उन पर भारी पड़ा। यूसुफ ने इंडिया के लिए आखिरी मैच साल 2012 में खेला था।

थिसारा परेरा

श्रीलंकाई ऑलराउंडर थिसारा परेरा भी सुस्ती का शिकार थे। निसंदेह वह श्रीलंकाई टीम के लिए एक अच्छे ऑलराउंडर की भूमिका निभाते थे परंतु उनकी सुस्त फील्डिंग और खराब फिटनेस ने उन्हें टीम से बाहर जाने को मजबूर कर दिया।