ये 3 भारतीय क्रिकेट ओपनर अपने पूरे टेस्ट करियर में, नहीं लगा सके एक भी शतक

दोस्तों क्रिकेट दुनिया में खिलाड़ियों के लिए सबसे आवश्यक होता है, की वह पुराने रिकॉर्ड्स को तोड़कर नए रेकॉर्ड्स कायम करे, ताकि उन्हे इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी एक अलग ही जगह और पहचान मिले। जब क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी अर्धशतक या शतक लगाता है, तो उसकी क्षमता को देखा जाता है और टीम में उसका दर्जा काफी हद तक बढ़ जाता है। और इस दौरान जब कोई भी खिलाड़ी शतक लगाता है, तो उसकी प्रोफाइल और भी ज्यादा निखर कर सामने आती है। लेकिन जब आप एक ओपनर के तौर पर शुरुवात करते है तो आपको जिम्मेदारियों का भार बढ़ जाता है।

क्योंकि मैच में जब भी कोई ओपनर लंबे समय तक क्रीज पर मौजूद रहता है तो उससे पूरी टीम को काफी मजबूत स्थिति प्रदान होती है। अगर टेस्ट क्रिकेट की बात करे, तो इस लिस्ट में ज्यादातर भारतीय खिलाड़ियों के नाम है, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में ज्यादा शतक मारे है लेकिन इसके बावजूद हमे लगता है की शायद ही कुछ ऐसे खिलाड़ी होगे, जिन्होंने अपने कैरियर में अभी तक शतक न लगाया हो। लेकिन दोस्तो ऐसा सोचना गलत नही है क्योंकि आज भी कई ऐसे खिलाड़ी है, जो शतक से अभी तक कोसों दूर है। और आज आपको ऐसे ही 3 बल्लेबाज़ों के बारे में बताएंगे, जो क्रिकेट कैरियर में शतक से दूर है। हालाकि ऐसा नही है, की उन्होंने शतक बनाने की कोशिश ही नही की कोशिश तो बहुत की, लेकिन शतक के पास पहुंचते पहुंचते बीच में ही पवेलियन जाना पड़ा। तो आइए बताते है, की आखिर कौन है, ये तीन बल्लेबाज जो अपने कैरियर में शतक लगाने से चूक गए।

अभिनव मुकुंद
दोस्तो इस लिस्ट का पहला नाम अभिनव मुकुंद है। बता दे, की इन्होंने साल 2011 में बतौर ओपनर भारतीय टीम में शामिल हुए। और टीम में उन्हे घरेलू क्रिकेट में लगातार मेहनत करने और शानदार प्रदर्शन के बाद जगह मिल पाई थी। हालाकि अभिनव ने अपने कैरियर में ऐसा कुछ खास प्रदर्शन नही किया। उन्होंने भारतीय टीम में मात्र 7 टेस्ट मैच खेले है। जहां उन्होंने कुल 320 रनो का स्कोर कायम किया। और इनमे से उनके नाम एक भी शतक नही आया। और इसी वजह से वह इंटरनेशनल एकदिवसीय मैचों में जगह नहीं हासिल कर पाए। उन्हे टेस्ट क्रिकेट में बतौर ओपनर जगह मिली, लेकिन इसके बाद भी वह इसका भरपूर मौका नहीं उठा पाए। टेस्ट के दौरान उनका सबसे अधिक रन 81 का रहा। और इस दौरान उन्होंने अपने प्रदर्शन से कभी चयनकर्ताओं को खुश नही किया और यही कारण है की मुकुंद टीम में ज्यादा दिनो तक अपनी जगह कायम नहीं रख पाए।

आकाश चोपड़ा
दोस्तो आकाश चौपड़ा की बात करे, तो उन्होंने भी क्रिकेट कैरियर को जल्द ही समाप्त कर दिया। बता दे, की इन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ साल 2003 में डेब्यू किया था। हालाकि इस मैच में ये बतौर ओपनर आए थे। लेकिन फायदा नही उठा उसे। बता दे, की एक साल ही टेस्ट मैच खेला जहां उन्हे 10 टेस्ट मैचों में प्रदर्शन करने का मौका मिला इस दौरान उन्होंने मात्र 437 रन अपने खाते में डाले। टेस्ट क्रिकेट में उनका सबसे ज्यादा स्कोर 60 का था। और इन्ही कुछ खराब प्रदर्शन के चलते आकाश चौपड़ा भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे और जल्द ही उनका करियर समाप्त हो गया

अजय जडेजा
अजय जडेजा भी ऐसे ही क्रिकेटरों में शामिल है जिन्होंने अपने टेस्ट करियर में कभी शतक नहीं बनाया। हालांकि उन्होंने एकदिवसीय मैचों में 6 शतक जड़े हैं। अजय जडेजा ने साल 1992 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में डेब्यु किया और पूरे टेस्ट करियर में 15 टेस्ट मैच खेले मगर ये भी शतक बनाने में नाकाम रहे हैं ये शतक की करीब तो पहुंचे लेकिन पूरा ना कर सके। उनका हाई स्कोर 96 रहा। उनके टेस्ट करियर में 4 अर्धशतक जड़ते हुए 576 रन बनाए।
दोस्तो क्रिकेट में जब भी हम किसी लक्ष्य के बारे में सोचते है, तो हमेशा उसके बारे सोचते हुए उसका ध्यान रखना चाहिए और लगातार उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।

लेकिन इस दौरान अगर आपने कैरियर में थोड़ी से भी लापरवाही की, तो आपने कैरियर का अंत काफी नजदीक आने लगता है। और अभी हमने आपको जिन खिलाड़ियों के बारे में बताया, वह सोम लक्ष्य तक पहुंचने में बहुत ही थोड़ी जगह से चूक गए। और क्रिकेट में जल्द ही अपना समय गवा बैठे। और इसका नतीजा यही था, की इन्हे ना ही क्रिकेट में ज्यादा पहचान मिल पाई, और न ही भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाने में सफल हो पाए।