5 भारतीय खिलाड़ी नहीं थे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लायक, जल्दी निकाल दिया टीम से !

भारत में सभी खेलों में सबसे अधिक क्रिकेट को पसंद किया जाता है। भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है, लेकिन सबसे अधिक फैंस क्रिकेट के हैं। क्रिकेट स्कोर भारत में पूजा जाता है और क्रिकेटर को सेलिब्रिटी से कम नहीं माना जाता। आज किस में भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए हम बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है इसके बावजूद भी मुश्किल से जगह मिल पाती है।

आज आपको कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताते हैं जो भारतीय टीम में जगह पाने की हकदार नहीं थे। इसके बावजूद भी उन्हें कुछ मैच में खिलाया गया लेकिन वह सम्मान नहीं पा सके और बाहर हो गए।

वीआरवी सिंह

वीआरवी सिंह को बतौर ऑलराउंडर भारतीय टीम ने 2006 में खेलने का मौका मिला था लेकिन वह इस मौके को ज्यादा आगे तक नहीं ले जा सके। हालांकि घरेलू क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड ज्यादा अच्छा नहीं था इसके बावजूद उन्होंने मौका दिया गया और उन्होंने भारत की ओर से पांच टेस्ट मैच खेले। इन पांच मैचों में उन्होंने मात्र 47 रन बनाए और 8 विकेट ही हासिल किए। भारत के लिए वीआरवी सिंह ने दो वनडे मैच भी खेले थे।

सुदीप त्यागी

सुधीर त्यागी को बतौर तेंदू के बाद 2009 में भारतीय टीम में खेलने का मौका मिला था। सुदीप त्यागी ने भारत के लिए 4 वनडे मैच खेले जिनमें मात्र 3 विकेट हासिल किए इसके अलावा एक T20 मैच भी खेला था। 2009 में आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी खेल चुके हैं।

मनप्रीत गोनी

आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलने वाले मनप्रीत गोनी को महेंद्र सिंह धोनी के कारण भारतीय टीम में खेलने का मौका मिला था लेकिन वह इस मौके को ज्यादा भुना नहीं पाए और उन्होंने भारतीय टीम के लिए मात्र 2 एकदिवसीय मुकाबले खेले।

एमएसके प्रसाद

भारतीय टीम के चयन समिति के सदस्य मन्नावा प्रसाद भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं लेकिन उनका प्रदर्शन ज्यादा खास नहीं रहा इसलिए अधिक समय तक क्रिकेट नहीं खेल सके। प्रसाद ने छह टेस्ट मैचों में 106 रन बनाए और साथ ही 17 एकदिवसीय मैच में खेले थे जिनमें मात्र 131 रन बना सके।

गुरकीरत सिंह मान

गुरकीरत सिंह मान को भारतीय टीम में स्पिनर ऑलराउंडर की हैसियत से मौका मिला था। शुरुआत में उन्हें रविंद्र जडेजा का विकल्प माना जा रहा था। लेकिन वह ज्यादा समय तक टीम में नहीं टिक सके। गुरकीरत सिंह मान ने मात्र तीन एकदिवसीय मुकाबले खेले थे जिनमें 13 रन बनाए और सिर्फ एक विकेट ले सके।