क्रिकेट के मैदान पर हुए 7 सबसे खतरनाक घटनाएं

वैसे तो क्रिकेट को बहुत ही सुरक्षित खेल माना जाता है और वह इसलिए क्योंकि इसमें चाहे बैट्समैन हो या फिर विकेटकीपर या फिर सामने खड़ा फील्डर हर किसी को अपने बचाव के लिए जरूरी गियर्स दिए जाते हैं। मगर फिर भी खेल के मैदान पर कभी ना कभी कोई ऐसी घटना घटित हो जाती है जो बहुत ही खौफनाक होती है। आज हम ऐसे ही कुछ घटनाओं के बारे में जानेंगे।

फिलिप ह्यूज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज फिलिप ह्यूज साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के एक घरेलू टूर्नामेंट के दौरान बाउंसर गेंद का शिकार हो गए। गर्दन पर लगी चोट के कारण 3 दिनों बाद उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने सारे क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था और बल्लेबाजों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल भी खड़े हुए थे।

रमन लांबा

पूर्व भारतीय बल्लेबाज रमन लांबा सिर पर चोट लगने के कारण जान गवाने वाले पहले क्रिकेटर थे। साल 1998 में बांग्लादेश के एक घरेलू टूर्नामेंट के दौरान सिली मिड ऑन पर खड़े रमन के सर पर गेंद लग गई। उन्हें तुरंत ढाका की अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन 3 दिनों बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।

अब्दुल अजीज

17 वर्षीय पाकिस्तानी विकेटकीपर बल्लेबाज अब्दुल अजीज को एक डोमेस्टिक मैच के दौरान बॉलर की गेंद सीने में लगी थी। गेंद लगते ही वह जमीन पर गिर गए और अस्पताल ले जाने के क्रम में ही उनकी मृत्यु हो गई।

मार्क बाउचर

साल 2012 में इंग्लैंड का दौरा करने गई साउथ अफ्रीका टीम का हिस्सा रहे विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर समरसेट के खिलाफ प्रैक्टिस मैच के दौरान घायल हो गए। विकेटकीपिंग करते वक्त एक बेल बाउचर की आंखों मैं जा लगी। इस घटना के बाद मार्क बाउचर को क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा था।

सबा करीम

साल 2000 का एशिया कप सबा करीम के करियर का आखिरी टूर्नामेंट रहा। बांग्लादेश के खिलाफ एक मैच में विकेट कीपिंग करते हुए अनिल कुंबले की गेंद बल्लेबाज के पैड से लगते हुए उनकी आंखों पर जा लगी जिसके बाद सबा करीम को क्रिकेट से सन्यास लेना पड़ा था।

माइक गेटिंग

साल 1986 के वेस्टइंडीज दौरे के दौरान तेज गेंदबाज मैलकम मार्शल की एक गेंद माइक गैटिंग की नाक पर जा लगी जिसकी वजह से उनकी नाक टूट गई। इस घटना के बाद बल्लेबाजों को सर पर और अधिक सुरक्षा देने का विचार किया गया था।

अनिल कुंबले

साल 2002 में वेस्टइंडीज के एक तेज गेंदबाज की गेंद अनिल कुंबले के ठुड्ढी पर जा लगी जिसकी वजह से उनकी ठुड्ढी टूट गई। लेकिन फिर भी अनिल कुंबले ने अपनी ठुड्डी पर पट्टी बांधकर दूसरी इनिंग्स में गेंदबाजी की थी।