10 ऐसे क्रिकेटर जो डोपिंग की वजह से हो चुके है बैन

डोपिंग आज सिर्फ क्रिकेट ही नहीं बल्कि लगभग सभी खेलों में एक आम सी बात हो चुकी है। खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को और अच्छा करने के लिए अक्सर ऐसी गलतियां करते हैं। नेचुरल फिटनेस बरकरार रखकर खेलना सबसे सही तरीका होता है, लेकिन खिलाड़ी कभी-कभी ऐसे इल्लीगल दवा का सेवन कर लेते हैं जिससे उनका कैरियर संकट में पड़ जाता है। चलिए जानते हैं ऐसे ही 10 क्रिकेटर के बारे में।

उपुल थरंगा


पूर्व श्रीलंकाई सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा को साल 2011 के क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान चल रहे डोपिंग टेस्ट में दोषी पाया गया था। हालांकि बाद में आईसीसी ने अपने बयान में कहा कि थरंगा से यह गलती अनजाने में हुई थी। इसलिए उन पर केवल तीन महीनों का बैन लगाया गया था।

अब्दुर रहमान


पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर अब्दुर रहमान को साल 2012 में इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में सोमेरसेट की तरफ से खेलते हुए डोपिंग टेस्ट में दोषी पाया गया था। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अब्दुल रहमान पर कड़ा एक्शन लेते हुए उन्हें 12 हफ्तों तक बैन कर दिया था। इस बैन के कारण रहमान उस साल साउथ अफ्रीका में हो रहे टी-20 चैंपियंस लीग में भी हिस्सा नहीं ले पाए थे।

प्रदीप सांगवान


प्रदीप सांगवान ने हालांकि कभी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला लेकिन उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके इस प्रदर्शन के बदौलत ही उन्हें आईपीएल में चुना गया था। साल 2013 की आईपीएल के दौरान डोपिंग टेस्ट में सांगवान दोषी पाए गए थे जिसके बाद बीसीसीआई ने उनपर 18 महीनों का बैन लगा दिया था।

मोहम्मद आसिफ


पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ को साल 2006 में प्रतिबंधित दवा का सेवन करते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से पूरे 1 साल का बैन झेलना पड़ा था। इस बैन के बाद मोहम्मद आसिफ का करियर ग्राफ गिरता ही चला गया और आखिरकार उन्होंने साल 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी।

शोएब अख्तर


पाकिस्तान के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को साल 2006 में मोहम्मद आसिफ के साथ ही प्रतिबंधित दवा का सेवन करते हुए पकड़ा गया था। उन्होंने नंद्रालोन नामक दवा का सेवन किया था जिसके बाद उन्हें पूरे 2 वर्षों का बैन झेलना पड़ा था।

यूसुफ पठान


भारत की 2007 T20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे यूसुफ पठान निसंदेह भारत की सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक थे। लेकिन उन्हें भी साल 2018 में प्रतिबंधित दवाओं के सेवन की वजह से 5 महीनों का बैन झेलना पड़ा था। यूसुफ ने भारत के लिए अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2012 में खेला था।

आंद्रे रसल


वेस्टइंडीज की धाकड़ ऑलराउंडर आंद्रे रसेल को साल 2017 में डोपिंग टेस्ट में फेल होने के बाद 1 वर्ष का बैन झेलना पड़ा था। मूलता जमैका से ताल्लुक रखने वाले रसल ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उन्हे इस बात का बहुत अफसोस हुआ था। इस बैन की वजह से रसल उस साल नाही आईपीएल खेल पाए थे और ना ही पीएसएल।

पृथ्वी शॉ


भारतीय युवा बल्लेबाज पृथ्वी शा को साल 2019 में प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करने के कारण बीसीसीआई की तरफ से 4 महीनों का बैन झेलना पड़ा था। हालांकि शॉ ने बाद में बताया कि उन्होंने कफ सिरप पिया था जिसमें यह दवा मिली हुई थी।

शेन वॉर्न


साल 1999 में ऑस्ट्रेलिया के वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाने वाले शेन वॉर्न को 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान प्रतिबंधित दवाओं का सेवन करते पकड़ा गया था। इसके बाद उन्हें पूरा वर्ल्ड कप मिस करना पड़ा था। हालांकि ऑस्ट्रेलिया को फिर भी वर्ल्ड कप जीतने में कोई खास तकलीफ नहीं हुई।

एलेक्स हेल्स


इंग्लैंड की 32 वर्षीय सलामी बल्लेबाज एलेक्स हेल्स साल 2019 के विश्व कप में इंग्लैंड के फर्स्ट चॉइस ओपनर थे। लेकिन डोपिंग टेस्ट में फेल होने के बाद उन्हें पूरे वर्ल्ड कप के लिए बैन कर दिया गया था। हेल्स ने इंग्लैंड के लिए आखिरी मैच मार्च 2019 में खेला था जिसके बाद से अब तक वह टीम में वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।