अहमदाबाद टीम ख़रीदने वाली CVC कैपिटल पर लगा बड़ा आरोप, BCCI और सौरव गांगुली की बढ़ी मुश्किलें !

अगले साल से आईपीएल में हमें 2 नयी टीमें अहमदाबाद और लखनऊ के रूप में दिखाई देगी और इन टीमों को संजीव गोयनका ग्रुप और सीवीसी केपिटल ग्रुप ने खरीदा हैं. संजीव गोयनका ग्रुप ने 7000 करोड़ रुपए की बोली लगाकर टीम खरीदी हैं तो सीवीसी केपिटल ग्रुप ने 5200 करोड़ रुपए बोली लगाकर टीम खरीदी हैं.



अब सीवीसी केपिटल के टीम खरीदने पर एक बड़ा विवाद खड़ा हुआ हैं. पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने ट्विटर पर एक ट्विट करते हुए सीवीसी केपिटल के टीम खरीदने पर सवाल उठाए हैं.



ललित मोदी के ट्विट के अनुसार, सीवीसी केपिटल ग्रुप ने एक बेटिंग वेबसाइट में इन्वेस्टमेंट किया हुआ हैं और नियमों के तहत भारत में ऐसा करना गैरकानूनी हैं और इस वजह से सीवीसी केपिटल को टीम देना गलत हैं और नियमों के तहत उनको टीम नहीं मिल सकती.



सीवीसी केपिटल ने जर्मन बेस एक गैंबलिंग वेबसाइट में इन्वेस्टमेंट किया हुआ हैं और भारतीय नियमों के तहत कोई भी कंपनी ऐसा नहीं कर सकती जिस तहत आईपीएल टीम सीवीसी केपिटल को देना गैरकानूनी हैं ऐसा बताया जा रहा है.



सीवीसी केपिटल एक विदेशी कंपनी हैं और पहली बार कोई विदेशी कंपनी आईपीएल का हिस्सा बनने जा रही है और विदेश में बेटिंग करना गैरकानूनी नहीं माना जाता.



आपको बता दें कि बेटिंग के मामले में ही साल 2016 और 2017 में राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के उपर बैन लग चुका है जब उन दोनों टीमों के मालिकों पर बेटिंग का आरोप लगाया था.



अदानी ग्रुप ने अब इस मामले में फाइल दर्ज कराने का फैसला किया हैं और अब इस मामले में बीसीसीआई क्या फैसला करती हैं ये देखना दिलचस्प रहेगा.



अदानी ग्रुप ने 5000 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी, लेकिन 200 करोड़ रुपए से वो कम रह गयी और उनको अहमदाबाद टीम नहीं मिल पायी. अब इस मामले में आगें क्या होता है ये देखना दिलचस्प होगा.