चीयरलीडर्स ने खोले IPL के डार्क सीक्रेट्स, जिससे जानकर चौंक जाएंगे।

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) दुनिया भर मे सबसे बड़ा टी20 इवेंट है। प्रत्येक बीतते साल के साथ, इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।है। यहां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों से लेकर प्रसिद्ध कमेंटेटर्स भी हिस्सा लेने आते हैं। लेकिन, आईपीएल चीयरलीडर्स जो अपने विशेष डांस  के साथ दर्शकों का मनोरंजन करती हैं, उन्हें उनके हिस्से का क्रेडिट नहीं दिया जाता है। जबकि उनके संयुक्त प्रयासों से टूर्नामेंट को सफलता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

हालाँकि, यह लीग भी विवादों से भरी रही है। मैच फिक्सिंग घोटालों, खिलाड़ियों के बीच विवाद और छेड़छाड़ के मामलों ने बार-बार टूर्नामेंट के खराब पक्ष को दिखाया है। चीयरलीडर्स द्वारा खुलासे किये हैं और आईपीएल के डार्क सीक्रेट्स बताए हैं।आइये देखें चीयरलीडर्स द्वारा बताए गए आईपीएल के 5 सबसे बड़े डार्क सीक्रेट्स:

रंगभेद

क्या कभी आपने सोचा है। कि आईपीएल चीयरलीडर्स हमेशां गोरी क्यों होती है। आप सोच रहे होंगे यूरोपीय और अमेरिकी लडकीयां भारतीयों की तुलना मे ज्यादा गोरी और नृत्य मे बेहतर होती है। नहीं यह एक गलत धारणा है। इसकी असली वजह आपको चौंका देगी। क्योंकि आयोजक किसी भी अश्वेत लड़की को चीयरलीडिंग टीम में नहीं रखना चाहते हैं।

 कुछ चीयरलीडिंग ने ये भी कहा है कि भारतीय लड़की को स्किनी आउटफिट नहीं पहिने को एक तरह का नस्लवाद है।  एैसे लोगो के कारण कलाकारों को कला दिखाने का अवसर नहीं मिलता।

बॉलीवुड से रिश्ता

इसमें कोई शक नहीं है कि दर्शाक को आईपीएल चीयरलीडर्स का डांस देखकर आनंद मिलता है। उन्हें देखते समय कुछ लोग क्रिकेट देखना भी भूल जाते हैं। आपको लगता है की इन चीयरलीडर्स को पहले भी कहीं देखा है। यह सही है, क्योंकि अधिकांश चीयरलीडर्स एजेंसियों के माध्यम से आईपीएल में शामिल होती हैं और वही एजेंसियां बॉलीवुड को भी डांस ट्रूप की आपूर्ति करती हैं।

एक चीयरलीडर ने बताया कि उसके ग्रुप की अधिकांश लड़कियों ने भारतीय फिल्म उद्योग में बैकग्राउंड में काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बॉलीवुड से रिश्ते ने उन्हें कुछ प्रामुख भारतीय डांस सीखने में भी मदद की।

मैच के बाद की पार्टियां

जब आईपीएल ने अपनी शुरुआत की थी, तो उसे  क्रिकेटरों के लिए एक मजेदार टूर्नामेंट माना जा रहा था। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहते हैं। इसलिए  मैच के  बदा पार्टी करने  का निर्णय लिया।

जिससे क्रिकेटर आराम कर सके।  क्रिकेटरों को लंबे टूर्नामेंट के लिए ताजगी बने रहने में मदद करें। लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने शराब पीना शुरू कर दिया और इससे अत्याचारपूर्ण घटनाओं की शुरुआत हुई। कुछ खिलाड़ी रैंप वॉक के लिए मॉडल्स के साथ शामिल हुए।


एक बार एक चीयरलीडर ने खुलासा किया कि कुछ ऑस्ट्रेलियाई और दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों ने नशे में   चीयरलीडर के साथ अनुचित व्यवहार किया। ऐसी बातें भी थी मैच फिक्सिंग की चर्चा भी पार्टियों में हुई थी।

भुगतान की समस्या

आपको आईपीएल चीयरलीडर्स को देखकर लगता होगा कि चकाचौंध और ग्लैमर चीयरलीडर्स खुशहाल जिंदगी जी रही है। मगर ये गलत है। उन्हें भारी भुगतान नहीं दिया जाता है। दुर्भाग्य से, वास्तविकता इससे बिलकुल अलग है क्योंकि उन्हें अपनी मेहनत के लिए बहुत कम पैसा मिलता है। यह फ्रेंचाइजी पर भी निर्भर करता है क्योंकि कुछ टीमें दूसरों की तुलना में कम भुगतान करती हैं।

कुछ साल पहले एक चीयरलीडर्स ने पुष्टि की कि कभी-कभी उनके भुगतान समय पर जारी नहीं किए जाते हैं। उन्होंने खाद्य और आवश्यक वस्तुओं से संबंधित समस्याओं के बारे में  शिकायत की पर यात्रा के दौरान आमतौर पर उपलब्ध नहीं होती हैं ।

यहां तक की, उन्हें ठहरने के लिए एक-स्टार होटल ही दिए जाते हैं, जिनमें सुविधाओ कि कमी रहती है।  कुछ लड़कियों ने यह भी कहा है। कि रूम बहुत गंदा रहता है।

शोषण

आईपीएल में चीयरलीडर्स कि सुरक्षा मे कुछ खास इंतजाम नहीं है। अतीत में, महिला उत्पीड़न की घटनाएँ आईपीएल में भी हुई हैं। चीयरलीडर्स ने भी कई मौकों पर अपनी नाराजगी जताई है। कई बार ऐसा हुआ है जब उन्होंने सुरक्षा के विषय को उठाया है। पर कभी भी अधिकारियों ने इस विषय पर ध्यान नहीं दिया।