ऑस्ट्रेलिया भी SRH की तरह, डेविड वॉर्नर को बाहर करने की कर रहा तैयारी !

भारत और पाकिस्तान टीम का मैच 24 अक्टूबर को दुबई के स्टेडियम में खेला जाने वाला है। ऐसे में दोनो ही टीम के फैंस अपनी अपनी पसंदीदा टीम को जिताने में लगे है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया टीम डेविड वार्नर को वर्ल्ड कप से बाहर करने की कोशिश कर रही है।

आइए जानते है, इस खबर के बारे में, दोस्तो हाल ही में आई खबर के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया ने जिस तरह हैदराबाद टीम को टी 20 से बाहर किया वैसे ही डेविड वार्नर को भी बाहर करने की कोशिश कर रही है। बता दे, की डेविड वार्नर खुद भी इस समय बहुत खराब फॉर्म में चल रहे है। जिसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया टीम उन्हे बाहर करने के बारे में सोच रही है।

डेविड को लेकर ऐसा माना जा सकता है, की आईसीसी टी 20 वर्ल्ड के पहले मैच में ही उन्हें बाहर बैठा दिया जाएगा। जिसके पीछे की वजह और कुछ नही, बल्कि डेविड के आईपीएल और वर्ल्ड कप के अभ्यास मैचों की परिस्थिति देख के अनुमान लगाया जा सकता है। लेकिन इसी मामले के चलते ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज स्पिनर शेन वार्न, डेविड वार्नर की तरफ बोलते हुए नजर आए।

उन्होंने कहा, की 23 अक्टूबर को विश्व कप के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला जाने वाला मैच उसमे डेविड को खेलने का मौका दिया जाए। बावजूद इसके की उसने आज तक विश्व कप का एक भी खिताब अपने नाम नही किया। फिर भी उसे खेलने का मौका दिया जाए। बता दे, की डेविड पिछले कुछ सालो से बहुत ही खराब पोजिशन के चल रहे है।

उनकी आईपीएल टीम हैदराबाद फ्रेंचाइजी जिसके वो कप्तान रह चुके है। उनके खराब फॉर्म की वजह से उनसे ये कप्तानी छीन ली गई। और फिर उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। फिर भी ऑस्ट्रेलियाई टीम की तरफ से इस बल्लेबाज की फॉर्म खराब ही साबित हुई। जिसको वजह से आरोन फिंच बड़े बड़े टूर्नामेंट्स में वार्नर को खेलने का मौका नहीं देना चाहते। तो वही दूसरी तरफ शान वार्न ने उनकी तरफदारी करते हुए।

उन्हे टीम में शामिल करने के बारे में बोला। शेन ब्रेक फास्ट से शुक्रवार को वार्न ने बताया, की मेरे लिए डेविड एक बेहतरीन बल्लेबाज खिलाड़ी है। उनका कुछ ही दिनों से खराब प्रदर्शन रहा है। जिसकी वजह से हम उन्हे टीम से बाहर तो नही कर सकते। लेकिन मुझे फिर भी उन पर विश्वास है, की वह बड़े मौकों पर खुद को साबित जरूर करेगे। मुझे वास्तव में लगता है।

की वह बहुत गतिशील है। अगर वह 34 वर्षीय बोर्ड पर कुछ रन लगा सकते है। तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ जाएगा। और वह टूर्नामेंट के खिलाड़ियों में से उभर सकते है। और खुद को साबित कर सकते है।