डेविड वार्नर का बड़ा ऐलान, कहा- ‘टेस्ट में भारत को भारत में ही हराने के बाद, ले लूंगा संन्यास’

दोस्तो आप तो जानते ही है, की ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच बहुत ही खतरनाक टेस्ट सीरीज खेली जा रही थी। जिसमे ऑस्ट्रेलिया ने पिछले दो मैचों में इंग्लैंड से जीत हासिल कर ली थी। लेकिन अब तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को बड़े ही दमदार तरीके से हराया और इस सीरीज को 3.0 से अपने नाम किया। बता दे, की ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 14 रनो से हराकर सीरीज को अपने नाम किया है।

दोस्तो इस सीरीज में शुरुवात से ही ऑस्ट्रेलिया ने अपना मजबूत कदम रखा था। और तीसरे मैच में भी उसकी मजबूती देखने को मिली। और इसी तरह पहले दो टेस्ट मैचों की तरह ही तीसरे मैच में भी ऑस्ट्रेलिया ने बेहतरीन प्रदर्शन कर शानदार तरीके से जीत हासिल की। दोस्तो ऑस्ट्रेलिया की इस जीत की बात करे, तो पूरी टीम ने इस जीत के लिए मेहनत की है। लेकिन दूसरी तरफ बल्लेबाज डेविड वार्नर ने प्रदर्शन ने जीत के लिए एकतरफा योगदान दिया।

डेविड ने इस सीरीज में शुरुवात से कमाल किया। हालाकि दोस्तो कुछ समय पहले डेविड वार्नर काफी फॉर्म में चल रहे थे। लेकिन उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ही अपने पुराने फॉर्म को अपने साथ फिर से शामिल कर लिया। जो अब तक उनका साथ दे रहा है।

दोस्तो आपको बता दे, की फिलहाल डेविड वार्नर 35 साल के है, उनकी उनके लिए अभी भी एक अनोखा मिशन बाकी है। दोस्तो वैसे तो वार्नर उम्र के चलते हो सकता है, की कुछ समय में क्रिकेट से सन्यास लेने के बारे में सोच विचार करे, लेकिन उसके पहले उनकी निगाहें किसी और चीज पर टिकी हुई है। जिसे पूरा करने के बाद ही वो सन्यास के बारे में सोच सकते है।

हालाकि इस बात का खुलासा उन्होंने एशेज सीरीज का तीसरा मैच जीतने के बाद किया। और डेविड वार्नर का ये सपना भारत को भारत की ही धरती पर एशेज सीरीज हराने का है। बता दे, की पिछले 17 सालो से ऑस्ट्रेलिया को भारत की धरती पर जीत कायम नहीं हुई। लेकिन अब डेविड वार्नर चाहते है, की वह भारतीय टीम को उसी के मैदान में हराकर जीत प्राप्त करे, और फिर क्रिकेट से सन्यास की घोषणा करे।

इस बात पर डेविड वार्नर ने बताया, की ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज जीतना वास्तव में कठिन काम है। लेकिन हमने नही तक भारतीय टीम को भरता में नही हराया है। वो भी मेरा लक्ष्य है। इसके अलावा हम इंग्लैंड को इंग्लैंड में ही जाकर भी हराने की चाह रखते है।

पिछली बार हमने ड्रॉ खेला था। लेकिन मुझे उम्मीद है, की अगर हमने ऐसा कर लिया तो उसके बाद ही मैं सन्यास के बारे में कुछ सोच विचार कर सकता हूं।