‘ओस’ फ़िर ना तोड़ दे करोड़ों भारतीय फैंस के सपने, BCCI को याद आ रही है 7 साल पुरानी ‘मैजिक स्प्रे’ !

दोस्तों टी20 वर्ल्ड कप के इस रोमांच भरे सफर में हमे बहुत कुछ देखने को मिल रहा है। इस साल विश्व कप के इस सफर में हमे जिन टीमों से कोई खास उम्मीद नहीं थी, वही टीमें कमाल कर रही है। और दर्शकों को जिन टीमों से उम्मीद वो कही ना कही पीछे छूटती हुई नजर आ रही है। आपको बताते चले, की आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में अब तक 9 मुकाबले खेले जा चुके है।

जिसमे से 8 मुकाबले उन टीमों ने जीते है, जिन्होंने बाद में बल्लेबाजी की। दरअसल इस साल ओस के चलते टीमें मैदान में अपना हुनर नही दिखा पा रही। इस ओस से लगभग सभी टीमों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। और ऐसा ही कुछ नजारा हमे भारत और पाकिस्तान के बीच हुए मैच में भी देखने को मिला। जहां भारत टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी। और दूसरी पारी में गेंदबाजी करते हुए।

पाकिस्तान। का एक भी विकेट न गिरा सकी। आपको बता दे, की ओस की वजह से ज्यादातर टीमें टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी करने का फैसला करती है। और इसी की वजह से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों को हार का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अगर 31 अक्टूबर को होने वाले मैच भारत और न्यूजीलैंड में भी ओस का दबदबा रहा। और भारत टॉस हार गई। तो हमे भारत का वही नजारा देखने को मिल सकता है।

जो 24 अक्टूबर को देखने को मिला था। इसी के चलते बीसीसीआई ने 2014 के टी20 वर्ल्ड कप में मैजिक स्प्रे का इस्तेमाल किया था। जिससे ओस को कंट्रोल किया जा सके। अगर इस मैच के बारे में आपको याद न हो, तो बता दे, की साल 2014 में बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहा था। उस समय भी ओस के चलते टीमों को बेहद परेशानी हो रही थी। तब आईसीसी ने भारत से एंटी ड्यू जेल मंगवाया था।

और फिर इस जेल के छिड़काव से मैच में काफी मदद हुई थी। और ओस को कंट्रोल किया था। लेकिन अगर ओस का कहर मैचों पर ऐसे ही पड़ता रहा। तो आईसीसी को एक बार फिर से इसी जेल का इस्तेमाल करना पड़ेगा। अगर ओस का कहर मैच के मैदान में ऐसे ही रहा। और इसके लिए मैच प्रबंधक ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। तो सिर्फ भारतीय को ही नही, बल्कि बाकी बची टीमों को भी ये ओस बहुत बड़ी परेशानी में खड़ा कर सकती है।

इसलिए ओस के चलते आईसीसी को जल्द से जल्द ओस के बारे में सोचना चाहिए। और बाकी बचे टूर्नामेंट के लिए पहले से व्यवस्था करनी चाहिए। देखते है, आगे बीसीसीआई आगे के मैचों के लिए कैसे ओस से टीमों का बचाव करती है?