‘बच्चों जैसी हरकतें बंद करो, ऐसे नही बन पाओगे कभी रोल मॉडल’, गंभीर ने कोहली को लगाई फ़टकार !

दोस्तो जैसा की आप सभी जानते है, की इस समय भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टेस्ट सीरीज खेली जा रही थी, और इसका आखरी मैच समाप्त हो चुका है। दोस्तो इस सीरीज में सभी को भारतीय टीम से काफी उम्मीद थी लेकिन टीम ने सीरीज अपने हाथो से गवा दी। जिसमे बाद अब भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी गौतम गंभीर ने मौजूदा समय में भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली को लापरवाह बताया, कोहली को निशाना बनाते हुए डीआरएस विवाद के बाद ब्रॉडकास्टर पर टिप्पणी करने पर उन्हे अपरिपक्व बताया।

तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन के तीसरे सत्र में कोहली और उनके साथियों ने एक विवादास्पद डीआरएस निर्णय के कारण प्रोटियाज कप्तान डीन एल्गर को भारी राहत मिलने के बाद अपना आपा खो दिया। जब कोहली स्टंप माइक के पास गए और उन्होंने कहा, की अपनी टीम पर भी ध्यान दिया करो, ना की सिर्फ विपक्षी टीम पर। हर समय सामने वाली टीम के लोगो को ही पकड़ने की कोशिश की जा रही है। और इसी बीच स्टार स्पोर्ट्स के बातचीत के दौरान गौतम गंभीर ने बताया, की किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा स्टंप माइक के पास जाकर ये सब बोलना सही नही है। और ऐसी हरकत करने से आप कभी किसी के आदर्श बनने के लायक नही होते। पहली पारी में जब आपको 50 50 अंपायर कॉल होने पर पीछे एल्गर को कैच आउट दिया गया तो आप चुप थे और मयंक की अपील में भी।

द्रविड़ जरूर इस मुद्दे पर उनसे बात करेंगे। दोस्तो आपको बता दे, की कोहली ने इसके पहले भी डीन एल्गर को स्लेज किया था। जब उन्होंने डीन एल्गर को बुमराह द्वारा डराए जाने को लेकर टिप्पणी की थी। कोहली में स्लिप से कहा, की आखिर खेल में मैन आफ द मैच चुने जाने के बाद बुमराह से दूर भाग रहे हो, 13 साल तक बड़बड़ाते रहे, डीन क्या आपको लगता है, की आप मुझे चुप करा सकते है।

दोस्तो डीआरएस के इस विवाद पर न सिर्फ कोहली ने बल्कि भारतीय टीम के दूसरे खिलाड़ियों ने भी इसी बात पर काफी बुरी बाते की है। और इस दौरान ब्रॉडकास्टर की बॉल ट्रैकिंग तकनीकी पर टिप्पणी करने से अश्विन भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा, की सुपरस्पोर्ट तुमको जीतने के लिए अलग तरीके आजमाने चाहिए। और उनसे आगे केएल राहुल निकले, जिन्होंने कहा, की पूरा देश 11 लोगो के खिलाफ चल रहा है। दिन के खेल के समाप्ति के बाद, दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी ने इस विवाद पर अपने विचार साझा किए और कहा कि भारतीय स्पष्ट रूप से निराश और दबाव में थे जब एक विवादास्पद डीआरएस कॉल ने कप्तान एल्गर को बचाया।

इस तरह की प्रतिक्रियाएं उनकी निराशा को दिखाती हैं। और कभी-कभी सामने वाली टीमें इसका फायदा उठाती हैं। आप वास्तव में कभी भी बहुत अधिक भावना नहीं दिखाना चाहते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि हम वहां स्पष्ट रूप से देख सकते थे कि उनकी भावनाएं अधिक थीं।तीसरे दिन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान एनगिडी ने कहा। एनगिडी ने बताया, की भारतीय खिलाड़ी काफी दवाब के चल रहे थे।

जब दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज़ों ने दूसरे विकेट के लिए बेहतरीन साझेदारी की, और वो इसे तोड़ना चाहते थे। और ये हमे यह बताता है की शायद अब वे दवाब महसूस कर रहे है। और ये साझेदारी हमारे लिए भी काफी मजबूत थी, और इसलिए वे इसे तोड़ना चाहते थे। और इस बीच वे भावनाएं वहां दिखने लगती है। लेकिन दिन खत्म होने तक मुझे लगता है, की हर कोई खिलाड़ी कुछ स्थितियों के लिए अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। और आगे एनगिडी ने कहा, की शायद हमने जो वहां देखा, उस समय वे भी वहां वैसा ही महसूस कर रहे थे।