कैसे होता है डकवर्थ लुईस से हार जीत का फैसला !

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें बारिश बहुत बड़ा फैक्टर माना जाता है। अगर किसी मैच में बारिश हो जाए तो मैच मे डाले जाने वाले ओवरों को कम कर दिया जाता है जिसके लिए डकवर्थ लुईस नियमों का इस्तेमाल किया जाता है। मगर क्रिकेट के बड़े से बड़े जानकार भी अक्सर डकवर्थ लुईस के नियमों को समझ नहीं पाते हैं। चलिए जानते हैं कैसे इस्तेमाल होता है डकवर्थ लुईस नियम।

अगर पहली पारी में बल्लेबाजी करने के बाद दूसरी पारी के दौरान बारिश हो जाए तो बचे हुए ओवरों को घटाकर एक टारगेट स्कोर निकाला जाता है। इस टारगेट स्कोर को निकालने के लिए एक रेफरेंस टेबल का इस्तेमाल किया जाता है।

मैच खेल रही दोनों टीमों के पास दो विकल्प होते हैं। पहला की मैच में कितने ओवर बचे है और दूसरा यह कि बैटिंग करने वाली टीम के पास कितने विकेट शेष हैं। रेफरेंस टेबल से इन दोनों विकल्पों के आधार पर यह बताया जाता है कि दोनों ही टीमों के पास कितने प्रतिशत साधन बचे हैं।

अगर बाद में बल्लेबाजी कर रही टीम बारिश से प्रभावित होती है और उससे मान लेते हैं 250 रनों का टारगेट मिला है। अगर उसने 40 ओवर में 5 विकेट खोकर 190 रन बनाए हैं और इसके बाद बारिश के कारण मैच रद्द हो जाता है तो ऐसे में विजेता का चयन करने के लिए रेफरेंस टेबल का इस्तेमाल किया जाएगा।

रेफरेंस टेबल के अनुसार 40 ओवर बल्लेबाजी करने के बाद दूसरी टीम के पास 27.5% साधन बचते हैं। क्योंकि खेल अब रद्द हो चुका है इसलिए दूसरी टीम ने केवल 72.5% साधन का ही इस्तेमाल किया। इसलिए दूसरी टीम के लक्ष्य को 72.5% का किया जाएगा।

पहली टीम ने बनाए थे 250 रन। इसका 72.5% होता है 250 x 72.5 / 100 = 181.25

यानी दूसरी टीम के लिए 40 ओवरों में लक्ष्य होना चाहिए था 182 रन मगर उन्होंने 40 ओवरों में 190 रन बनाए हैं इसलिए दूसरी टीम को विजेता घोषित कर दिया जाएगा।