T20I में शामिल हुए ये 2 नए नियम, ICC ने और बढ़ा दी गेंदबाज़ों की मुश्किलें !

दोस्तो मैच के दौरान अक्सर ऐसा देखा जाता है, की मैच का जो निर्धारित समय होता है, उस समय मैच कभी पूरे नही हो पाते। जिसकी वजह से कई बार टीमों को पेनल्टी भी लगती है। लेकिन इसके बाद भी बहुत बार ऐसा देखा जा चुका है। की फील्डिंग साइड अपनी प्लानिंग प्लॉटिंग के चलते स्लो ओवर रेट करने से पीछे नहीं रहती। और इन्ही कुछ बातो को ध्यान में रखते हुए अब आईसीसी ने टी20 फॉर्मेट के लिए दो नए नियम पेश किए है।

जिसकी मदद से अब स्लो ओवर रेट की परेशानी होना मुश्किल है। दोस्तों आपने शायद देखा होगा, की आज कल टी20 दौर चल रहा है, जिसमे बल्लेबाज और भी खतरनाक बल्लेबाजी करते हुए नजर आते है। और बल्लेबाजों का ये रूप हमे इनिंग के अंतिम ओवरों में और भी आक्रामक तरीके से देखने मिलता है।

और इसी वजह से फील्डिंग साइड का कैप्टन गेंदबाज के साथ थोड़ा समय लेकर गेंदबाजी करना पसंद करते है। और फील्डिंग साइड के इसी व्यवहार के चलते अक्सर ही हमने खेल को काफी स्लो होते हुए देखा है। और मैच अपने निर्धारित समय से भी आगे चला जाता है। लेकिन अब आईसीसी के नए नियम के अनुसार अगर कोई टीम निर्धारित समय में अपने ओवर पूरे नहीं कर पाती, तो ऐसे में टीम को निर्धारित समय के बाद बचे हुए ओवरों में 30 गज के घेरे के बाहर एक खिलाड़ी का नुकसान उठाना पड़ेगा।

यानि इनिंग के लास्ट ओवरों में वो टीम घेरे के बाहर अब एक खिलाड़ी को कम रख सकेगी। आसान भाषा में समझे तो, अगर टी20 गेम में आज ‘टीम ए’ लास्ट के 6 ओवरों में 5 खिलाड़ियों को 30 गज के दायरे के बाहर फील्डिंग पर लगा सकती है, पर उन्हें अपने 20 ओवर 10 बजे तक पूरे करने है। लेकिन, टीम जब बॉलिंग करने आई तो उन्होंने अपना निर्धारित समय यानि 10 बजे तक सिर्फ 18 ओवर ही डाले। इनिंग का समय पूरा हो चुका है, लेकिन टीम ए को अभी भी दो ओवर करने बाकि है।

अब गेम में आईसीसी द्वारा जारी की गया नया नियम लागू होगा। क्योंकि टीम अपने दिए हुए समय में ओवर पूरे नही कर सकी, इसलिए टीम ए को अपने बचे हुए दोनो ओवर मतलब 19 और 20वे ओवर के दौरान अपने एक खिलाड़ी का नुकसान सहना पड़ेगा। टीम आखिर के दो ओवरों में ज्यादातर चौके और छक्के मारने की कोशिश करता है, ऐसे में अब न चाहते हुए भी एक अधिक खिलाड़ी 30 गज के घेरे के अंदर रखना पड़ेगा।

और इसका सीधा फायदा बल्लेबाज के खाते में जाएगा। अपनी जानकारी के लिए बता दे, की इसके पहले इस नियम का इस्तेमाल द हंद्रेल टूर्नामेंट में भी किया जा चुका है। और दोस्तो इतना ही नहीं बल्कि इसके साथ आईसीसी एक और नियम लेकर सामने आई। जिसके मुताबिक सीरीज के पहले दोनो टीमें मिलकर ये सोचेगी, की उन्हे ड्रिंक्स ब्रेक लेना है या नही। और आईसीसी द्वारा लागू किए गए ये नियम 16 जनवरी से वेस्ट इंडीज और आयरलैंड के बीच खेले जाने वाले टी20 मैच से ही लागू कर दिए जायेगे। दोस्तो आपको बता दे, की आईसीसी द्वारा शुरू किए गए नियमो की मदद से स्लो ओवर रेट की समस्या का ज्यादातर परेशानी दूर हो चुकी है। और और आने वाले समय को देखा जाए, तो इन्ही नियमों के मुताबिक हमे आगे चलकर खेल में बहुत से बड़े बदलाव देखने को भी मिल सकते है।