विदेश में अपने पहले ही टेस्ट में जड़ा था शतक सचिन से भी बड़ा बल्लेबाज माना जाता था लेकिन एक साल में ही करियर हुआ खत्म

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसे काफी पसंद किया जाता है क्रिकेट में बहुत से महान बल्लेबाज भी हुए हैं। बहुत से ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो अपने पहले ही मैच में शतक या फिर अर्थ शतक जड़ देते हैं। लेकिन ऐसा करने के बाद भी बहुत से खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनका करियर जल्द ही खत्म हो जाता है।

आज हम आपको एक ऐसे ही खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने पहले ही वनडे मैच में अर्धशतक लगाया लेकिन उनका करियर जल्द ही खत्म हो गया। आ जाता है कि सचिन तेंदुलकर और उनका कोच एक ही था। उनके लिए एक बार उनके कोच ने कहा था कि वह सचिन से भी बड़े बल्लेबाज हैं और सचिन से भी आगे निकल जाएंगे।

लेकिन वह ज्यादा समय तक टीम इंडिया में नहीं रह पाए। यह कहानी है भारत के पूर्व क्रिकेटर प्रवीण आमरे की। वह अपने जमाने में एक बेहद ही अच्छे बल्लेबाज माने जाते थे। उनकी गिनती दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में की जाती थी। उन्होंने अपना पहला मैच साल 1992 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था।

दक्षिण अफ्रीका में खेले गए अपने पहले ही मैच में उन्होंने शतक जड़कर सबको हैरान कर दिया था। इसके साथ ही वह भारत के नौवें बल्लेबाज बन गए जिन्होंने अपने पहले ही मैच में शतक जड़ दिया था। वह इस मैच में छठे नंबर पर खेलने आए और उन्होंने 103 रन की धुआंधार पारी खेल कर सबको हैरान कर दिया।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रवीण आमरे दाएं हाथ के बल्लेबाज थे। वह वीर सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की तरह रमाकांत के ही शिष्य थे। उन्होंने अपना पहला मैच मुंबई के लिए खेला था। फिर वह बंगाल राजस्थान और भी अन्य राज्यों के लिए खेले थे। उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण उनका सिलेक्शन भारतीय टीम में हुआ था।

एक बार उन्होंने ईरान ट्रॉफी में भारत की तरफ से खेलते हुए 246 रन बनाए थे। लेकिन उनका कैरियर काफी छोटा रहा पर वह ज्यादा दिन तक भारतीय टीम में नहीं टिक सके।