गले के दर्द के बाद भी क्रुणाल पांड्या को श्रीलंका में बैठक में होने दिया शामिल : रिपोर्ट्स

हाल ही में कुछ दिन पहले श्रीलंका और भारत के मध्य सीरीज खेली गई थी। जिसमें बहुत से भारतीय और श्रीलंकाई खिलाड़ी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे। जिसके बाद लगभग 8 भारतीय खिलाड़ियों को t20 सीरीज से बाहर होना पड़ा था।

जो कि भारत का हार का कारण बना। भारत ने वनडे सीरीज अपने नाम की थी लेकिन खिलाड़ियों के बाहर होने की वजह से टी-20 सीरीज गवा बैठे। इसका सबसे बड़ा कारण था 8 खिलाड़ियों का कोविड-19 पॉजिटिव पाया जाना।

श्रीलंका दौरा अभी खत्म हो चुका है लेकिन हाल ही में सूत्रों से पता चला है कि कृणाल पांड्या को गले का दर्द था उसके बाद भी उन्हें टीम में बैठने की जगह दी गई थी। सूत्रों के अनुसार बताया गया है कि मेडिकल ऑफिसर अभिजीत सालवी ने इस बात को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया था जबकि कृणाल पांड्या ने गले के दर्द होने की शिकायत भी उनसे की थी।

शिकायत करने के बाद भी इस भारतीय ऑलराउंडर का उसी टाइम परीक्षण नहीं किया गया और उसके तुरंत बाद उन्होंने एक बैठक में हिस्सा लिया था।

सूत्रों के अनुसार कृणाल पांड्या को गले के दर्द की शिकायत महसूस हुई थी उसके तुरंत बाद उन्होंने प्रोटोकॉल के चलते मेडिकल ऑफिसर से इस बात की शिकायत की थी। लेकिन उन्हें नहीं रोका गया। लेकिन जब उनका रैपिड टेस्ट हुआ तो कौन है एकांतवास में भेज दिया गया था।

कृणाल पांड्या का आरटी पीसीआर टेस्ट 27 जुलाई को हुआ था जिसके बाद वह कोविड-19 पाए गए थे। जिसके तुरंत बाद कृणाल पांड्या के संपर्क में जितने भी खिलाड़ी आए थे उन सबको एकांतवास में भेज दिया गया था।

श्रीलंका के सूत्रों ने बताया कि आईपीएल में हर तीसरे दिन कोविड-19 टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। लेकिन श्रीलंका दौरे पर खिलाड़ियों के समय पर जांच नहीं की गई। श्रीलंका दौरे पर मेडिकल टीम ने खिलाड़ियों के 5 दिन में एक बार कोविड-19 किए।