शादी से पहले छुपकर विजेता से मिलते थे राहुल द्रविड़, जानें कैसे शर्मीले क्रिकेटर ने इम्प्रेस किया एक डॉक्टर को

दोस्तों राहुल द्रविड़ क्रिकेट जगत का एक ऐसा नाम जिनकी उपलब्धियों के बारे में सोचने से ही हमे उन पर काफी गर्व महसूस होता है। इनके बारे में बात करने से ही हमारे मन में अनुशासन की सोच भर जाती है। दोस्तो भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी और फिलहाल भारतीय टीम के मुख्य हेड कोच राहुल द्रविड़ किसी भी पहचान के मोहताज नही है। और उन्हे क्रिकेट दुनिया में ना सिर्फ मिस्टर डिपेंडेबल बल्कि द वॉल तक के नाम से जाना जाता है। दोस्तो आज राहुल द्रविड़ और उनके फैंस के लिए बेहद खास दिन है, क्योंकि आज राहुल द्रविड़ का जन्मदिन है। और आज के दिन राहुल द्रविड़ 49 साल के हो चुके है।

दोस्तो हमने राहुल द्रविड़ को ज्यादातर समय में एक खिलाड़ी के रूप में भारतीय टीम की तरफ से खेलते हुए ही देखा है। क्योंकि राहुल द्रविड़ वो खिलाड़ी है, की सब के हार मान जाने के बाद अकेले दम पर पूरी लड़ाई लड़ा करते थे। और विजय प्राप्त करते थे। लेकिन दोस्तो आपको शायद ही ये बात पता होगी, की उस समय राहुल को भी किसी के सहारे की जरूरत पड़ती थी। तब उस समय राहुल किसका सहारा लेते थे, आखिर कौन था उस समय राहुल के साथ जो इनकी हर लड़ाई में इनका साथ देता था।

दोस्तो आपको बताते चले, की राहुल जिस तरह से अपनी क्रिकेट जगत में गेंदबाजों के सामने शांति पूर्वक समय बिताते थे और शांति से अपने खेल को अंजाम देते थे, वैसे ही अपनी पर्सनल लाइफ में भी राहुल को शांत ही देखा गया है। और इसी के चलते आज हम आप सभी के लिए उनके जन्मदिन के मौके पर उनकी लव स्टोरी के बारे में कुछ बताएंगे। क्योंकि जिस तरह का राहुल का स्वभाव है, कुछ वैसा ही उनकी लाइफ में उनकी लव स्टोरी भी है। इस दौरान दोनो लोग अपनी जिंदगी को आम लोगो की तरह ही जीते थे, और इसलिए इनकी ये स्टोरी आज भी बहुत लोगो के लिए प्रेरणा बन के सामने आती है।

दोस्तो आपको बता दे, की राहुल का जन्म इंदौर हुआ, और बंगलौर में उनकी परवरिश की गई। दोस्तो राहुल जा जीवन अलग अलग रास्तों के हिसाब से ही अलग था। लगभग साल 1968 और 1971 के बीच का समय था, जब विजेता के पिता वायुसेना से रिटायरमेंट ले चुके थे। उस दौरान वे बंगलौर में ही मौजूद थे, और तभी उनकी मुलाकात राहुल के पिता से हुई। और तभी से दोनो के बीच की दोस्ती काफी गहरी होती गई। और फिर जब विजेता का पूरा परिवार नागपुर में शिफ्ट हुआ, इसके बाद भी इनकी दोस्ती काफी मजबूत ही रही।

बता दे, की उस समय राहुल के खिलाड़ी दोस्त उन्हे जैमी कहकर बुलाते थे। और राहुल को ये नाम इसलिए दिया गया, क्योंकि उनके पिता किसान कंपनी के खाद्य वैज्ञानिक थे। और ये वही किसान कंपनी थी, जो जैम और कैचअप बनाने के लिए मशहूर हुआ करती थी। वही इनकी मां पुष्पा भी एक बड़े कॉलेज की आर्ट लेक्चरर थी। फिर बाद में जब इनके परिवारों के बीच नजदीकियां बढ़ी, तभी राहुल और विजेता भी एक दूसरे के काफी अच्छे दोस्त बन गए। और फिर इसी दौरान दोनो के बीच एक अलग तरीके से शुरुवात हुई। और फिर कई सालो बाद परिवार के एक दूसरे के साथ रहने के बाद राहुल को विजेता से प्यार हो गया।

दोस्तो रिपोर्ट्स के मुताबिक इनके दोस्तो ने ये खुलासा किया, की राहुल हमेशा से ही उनसे प्यार करते थे, और इस दौरान जब भी उनका नागपुर आना जाना होता था, तब वह विजेता से मिलते जरूर थे। एक तरफ जहां राहुल उस समय के काफी पसंदीदा लोकप्रिय खिलाड़ियों में से एक बन चुके थे, वही दूसरी तरफ विजेता भी मेडिकल सर्जन बनने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी थी। और फिर दोनो में अपने प्यार के बारे में बिना किसी को बताए, इसके कायम रखा और आगे बढ़ते गए।

और फिर बाद में दोनो के परिवारों ने ये देखा की इन दोनो के बीच अब नजदीकियां काफी हद तक बढ़ती जा रही है। और फिर तुरंत ही दोनो की सगाई की खबरे सामने आई, और इन खबरों में तूफान का रूप ले लिया और चारो तरफ बस यही शोर शराबा होने लगा। क्योंकि इस समय राहुल अपने कैरियर के सबसे ऊंचे पायदान पर मौजूद थे, और ऐसे खिलाड़ी के साथ शादी करनी वाली महिला के बारे में उस समय दुनिया का हर एक इंसान जानना चाहता था।

दोस्तो राहुल इतने फेमस थे, की दुनिया की लाखो करोड़ो लड़कियां इनकी दीवानी हुआ करती थी, और उस दौरान इन्हे बहुत से लड़कियों के प्रेम पत्र भी मिला करते थे। जब राहुल और विजेता की सगाई हुई तो विजेता यहां वर्ल्ड कप के दौरान साल 2003 में राहुल को चीयर करने पहुंची थी। दौरे से लौटकर दोनों ने 4 मई 2003 को मीडिया की चुभती निगाहों से दूर एक निजी सेरेमनी में शादी कर ली। दोनों तैयारियों के बारे में चुप्पी साधे रहे, जिससे कुछ प्रशंसक नाराज भी हुए। शादी एयरफोर्स हेडक्वार्टर मेंटेनेंस कमांड वायुसेना नगर में हुई।

दोनों की शादी ने विजेता को एक अलग दुनिया में धकेल दिया। वह विज्ञान की महिला थीं, और उन्हें क्रिकेट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। विजेता एक डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने अपना करियर छोड़ दिया क्योंकि वह राहुल का समर्थन करना चाहती थीं और अपने बच्चों की देखभाल करना चाहती थीं। जब राहुल मैच खेल रहे होते थे तो वह घर की देखभाल करती थीं। और अब 19 साल एक दूसरे के साथ रहने के बाद भी ये दोनो कपल डाउन टू अर्थ बने हुए है। बहुत ही आसान जिंदगी जीना, हमेशा शांत रहना।

अपने काम पर ध्यान देना। और इसी वजह से राहुल और विजेता की लव स्टोरी कई लोगो के लिए प्रेरणा का काम करती है। दोस्तो आपको बता दे, की साल 2005 में दोनो को माता पिता बनने का सुख प्राप्त हुआ, इस दौरान विजेता ने राहुल के बेटे समित हो जन्म दिया। और फिर साल 2009 में दोनो का दूसरा बेटा अनवय ने इस दुनिया में अपना कदम रखा। और आज सभी लोग बहुत ही खुशहाल तरीके से अपने जीवन को जी रहे है। दोस्तो अगर हम राहुल द्रविड़ के क्रिकेट कैरियर की बात करे, तो इन्होने 164 टेस्ट मैचों में 52.34 की औसत से 13288 रनो का स्कोर कायम किया है।

जिसमे 36 शतक और 63 अर्धशतक भी शामिल है। और वही 344 वनडे मैचों में इन्होंने 39.16 की दमदार औसत से 10889 रनो जैसा बड़ा स्कोर खड़ा किया। जिसमे इनके नाम 12 शतक और 83 अर्धशतक भी है। तो दोस्तो ये थी राहुल के जीवन की कुछ ऐसी बाते, जिससे शायद बहुत से लोग अनजान थे। और आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर उनके फैंस को उनके बारे में ये बाते जानकर काफी खुशी हुई होगी। दोस्तो राहुल हमारे लिए हमेशा ही बेहतरीन खिलाड़ी रहे है। और जिस तरह अपने क्रिकेट कैरियर में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन दिखाया है, इसी तरह अब वे भारतीय टीम में बतौर हेड कोच अपनी भूमिका निभाते है।