विराट की इस घटिया हरकत पर आग-बबूला हुए सहवाग, बोले- ‘अगर सेटिंग होती तो मैं होता भारतीय टीम का कोच’

दोस्तों हमारी भारतीय टीम में ऐसे बहुत से खिलाड़ी मौजूद है, जो मैदान में अपने प्रदर्शन के चलते तो काफी लोकप्रिय है। लेकिन साथ ही टीम में अपने मजाकिया अंदाज के चलते भी काफी पसंद किए जाते है। इन्ही में से एक खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग भी है, जो अपने मजाकिया अंदाज के लिए जाने जाते है।

और टीम में उनके द्वारा किए गए ऐसे बहुत से किस्से मशहूर भी है। लेकिन दोस्तो शायद ही उनके बारे में किसी को इस बात पर यकीन होगा, की टेस्ट मैच में उन्होंने दो तिहरे शतकों को अंजाम दिया है, लेकिन इसके अलावा उन्हें इस दौरान अपने साथी खिलाड़ियों के ऊपर गुस्सा करते हुए भी देखा गया है। लेकिन जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज का आरंभ हो रहा था, तब वीरु को विराट के ऊपर काफी बुरी तरह से गुस्सा होते हुए देखा गया था।

और वीरेंद्र सहवाग ने ये बात खुद एक निजी चैनल पर बताई है। और इसी बातचीत के दौरान उन्होंने ये भी बताया, की अगर उन्होंने टीम के लिए किसी भी प्रकार की कुछ सेटिंग की होती तो वह अभी तक टीम के कोच बन गए होते। और इसी बातचीत के दौरान वीरेंद्र सहवाग ने ये भी कहा की जिस तरह से टीम से अनिल कुंबले को बाहर किया गया था वह काफी निराशजनक था।

सहवाग ने कहा था, मुझे बहुत परेशानी हुई। हम जब इंग्लैंड में कॉमेंट्री कर रहे थे, तो यह कोशिश की थी कि दोनों रह जाएं। दोनों से बात की थी। हमारा प्रयास था कि दोनों की बन जाए, लेकिन शायद परिस्थितियां ऐसी नहीं थीं कि कुंबले रुकते। उन्होंने कहा था, सबसे बड़ी बात यह थी कि उन्होंने बड़प्पन दिखाया। उन्होंने खुद इस्तीफा दिया। शायद उस समय कुंबले का खराब समय चल रहा होगा, इसलिए उनको जाना पड़ा। वर्ना, उनसे बेहतर और काबिल कोच कोई नहीं था।

और फिर कप्तान को क्या अपना कोच मिलाना चाहिए के इस सवाल पर सहवाग में बताया, की ये अच्छा होगा, की जब भी बीसीसीआई नए कोच का एलान करे , तो कप्तान और सीनियर प्लेयर्स से एक बार पूछना जरूर चाहिए। क्योंकि अगर ग्रेग चैपल के समय में टीम के खिलाड़ियों से कुछ पूछा जाता तो टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ी माना कर देते, लेकिन ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।

और इसी बातचीत के चलते सहवाग ने बताया, की बीसीसीआई में उनकी कोई सेटिंग नहीं थी। और अगर ऐसा होता तो वह भारतीय टीम के बढ़िया कोच होते। दोस्तो आपको शायद पता नही होगा, की जब भारतीय टीम के कोच के रूप में रवि शास्त्री को चुना गया था, तब वीरु का नाम भी कोच के लिए शामिल किया गया था।

सहवाग ने भी हेड कोच के लिए अप्लाई किया था। हालांकि सहवाग ने कहा था, मुझे नहीं पता था कि रवि शास्त्री भी इस पद के लिए अप्लाई कर रहे हैं। इंग्लैंड में कॉमेंट्री करने के दौरान भी मैंने उनसे पूछा था कि आपने क्यों नहीं अप्लाई किया। तब उन्होंने कहा था कि मैं एक बार गलती कर चुका हूं दोबारा नहीं करूंगा। यदि मुझे पता होता तो मैं खुद ही इस रेस से हट जाता। पर विराट के ऊपर गुस्सा होने की घटना का जिक्र करते हुए सहवाग ने कहा, मुझे एक बार विराट कोहली पर गुस्सा आया था।

वह ऑस्ट्रेलिया में पर्थ टेस्ट मैच की घटना है। विराट बाउंड्री पर फील्डिंग कर रहे थे। पब्लिक ने उनकी हूटिंग की तो उन्होंने भी शायद अंगुली दिखा दी। उसके बाद अंपायर ने बातचीत की। मैच रेफरी ने विराट पर फाइन भी लगाया। फिर सहवाग ने बताया, की मैं गुस्सा इसलिए हुआ था, की उस सीरीज में मात्र एक विराट कोहली ही थे, जिन्होंने पार्थ टेस्ट में 80 रनो को अंजाम दिया था।

लेकिन अगर किसी गलती की वजह से मैच रेफरी उन्हे बैन कर देता है, तो हम अगला मैच खेलते तो या तो वह टीम में होते या और कोई खेलने के लिए शामिल होता। लेकिन आगे उन्होंने बताया, की फिर हम लोग बल्लेबाजी अच्छी तरह से करने में सफल नहीं हो पाते। और हम हार जाते। और यही कारण था, की मैं गुस्सा हो रहा था, की तुम लोग ऐसी हरकते मत करो, की बैन कर दिए जाओ। और इन खिलाड़ियों को वजह से टीम में किसी प्रकार का नुकसान हो।