जब सहवाग को इस शख्स ने जड़ दिया था थप्पड़, तब सौरव गांगुली ने गुस्से में आकर कर दिया था ये बड़ा कांड !

दोस्तो भारतीय टीम में वैसे तो सभी खिलाड़ी काफी दमदार खिलाड़ी माने जाते है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे है, जो सिर्फ अपने नाम से ही पूरे मैदान में हल्ला मचवा देते है। दोस्तो वैसे तो क्रिकेट की इस दुनिया में हमेशा ही खिलाड़ियों के बीच हमे खेल और विवाद देखने को मिलते रहते है, लेकिन क्या आप जानते है, की क्रिकेट जगत में एक बार एक ऐसा विवाद भी हुआ था, जिसके बारे में कोई याद भी नहीं करना चाहता है। दरअसल दोस्तो भारतीय टीम के विस्फोटक ओपनर खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग उस समय भारत के खतरनाक ओपनर खिलाड़ियों में से एक थे। लेकिन एक समय ऐसा आया जब इस खतरनाक खिलाड़ी को किसी एक शख्स ने जोरदार थप्पड़ लगा दिया था।

और टीम में उस समय सौरव गांगुली कप्तानी करते थे, जो इस घटना से बेहद नाराज़ हुए थे। और इस घटना के बाद सौरव गांगुली का गुस्सा तो जैसे सांतवे आसमान पर पहुंच गया था। आपको बता दे, की इस बात का खुलासा बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने साल 2013 में एक कार्यक्रम के दौरान किया था। बताते चले, की जब साल 2002 में भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर वनडे सीरीज को अंजाम देने गई थी, उस समय भारतीय टीम के कोच जॉन राइट को सहवाग की बल्लेबाजी से काफी परेशानी हो गई थी। क्योंकि उस समय सहवाग लगातार असफल साबित हो रहे थे।

क्रीज पर मौजूद सहवाग कुछ ही गेंदों में आउट होकर पवेलियन लौट जाते थे, और इसी बात से एक दिन जॉन राइट ने अपने गुस्से का कंट्रोल खो दिया और सहवाग को थप्पड़ लगा दिया। और जब ये बात सौरव गांगुली के कानो तक पहुंची, तो वह काफी नाराज़ हुए। इस दौरान टीम के मैनेजर राजीव शुक्ला ही थे। और फिर अपने गुस्से में आग बबूला सौरव ने राजीव से कहा, की जॉन को तुरंत ही माफी मांगनी होगी। और फिर राजीव ने सौरव गांगुली को समझाया और उनसे कहा, की वह जॉन से इस बारे में बात करेगे। और फिर बाद में जब ड्रेसिंग रूम के बाहर जॉन सिगरेट पी रहे थे, तभी राजीव शुक्ला ने सहवाग को थप्पड़ मारने वाली बात उनके सामने रखी।

और फिर बाद में जॉन ने राजीव से कहा, की उन्होंने बतौर टीचर सहवाग पर गुस्सा किया है, अपनी सफाई में आगे जॉन में बताया, की मैने उन्हे सिर्फ धक्का दिया था। थप्पड़ नही मारा है। क्योंकि वह बार बार एक ही गलती कर रहे थे, और मुझसे उनकी ये गलती बर्दाश्त नहीं हो पाई। हालाकि इस बीच सौरव गांगुली सिर्फ एक ही बात पर अड़े हुए थे, की जॉन को सहवाग से हर हाल में माफी ही मांगनी पड़ेगी। और वही टीम के एक और धाकड़ खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के मन में कुछ और ही चल रहा था।

और फिर आगे राजीव शुक्ला ने बताया, की सचिन तेंदुलकर मुझे किनारे में ले गए, और मुझसे कहा, की चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन जॉन राइट से माफी नही मंगवानी चाहिए। और फिर उन्होंने बताया, की मैं समझ गया की सचिन ऐसा क्यों कह रहे थे, दरअसल दोस्तो जब कोच ही खिलाड़ियों से माफी मांगेगा, तो आगे चलकर टीम का भविष्य क्या होगा? इसके बाद राजीव ने सहवाग से बात की और उन्हे समझाया, जिसके चलते सहवाग समझ गए। और फिर बाद में उन्होंने कहा, की जॉन राइट को माफी मांगने की जरूरत नहीं है। और इस तरह से ये विवाद काफी सुर्खियां में भी आया था।