सिर्फ 4 गेंद खेलने के लिए 3 दिन तक लाइन में लगना पड़ा, फिर ठोके 2 तिहरे शतक, बनाए 17 हजार रन !

दोस्तो हमारी क्रिकेट जगह की दुनिया में कई बल्लेबाजों ऐसे है। जिन्होंने अपनी बल्लेबाजी से बहुत से रिकॉर्ड तोड़े है। लेकिन दोस्तो आज हम जिस महान क्रिकेटर की बात कर रहे है। वो उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से है। जिन्होंने अपने रिकॉर्ड को अभी तक बरकरार रखा है। और आज तक उनके रिकॉर्ड को कोई भी खिलाड़ी तोड़ नहीं पाया।

जी हां, हम आज बात कर रहे है, क्रिकेट इतिहास के दिग्गज बल्लेबाज खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग के बारे में, जिन्होंने भारतीय टीम के साथ खेलते हुए। ऐसे बहुत से रिकॉर्ड बनाए। को आज तक और भी कोई खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया। आइए आगे बात करते है, सहवाग के भारतीय क्रिकेट के इतिहास के बारे में, दोस्तो बता दे, की पूर्व भारतीय खिलाड़ी सहवाग अब 43 साल के हो गए है। और आपको ये जानकर खुशी होगी। की दो तिहरे शतक लगाने वाले सहवाग एक मात्र खिलाड़ी है।

जानकारी के लिए बता दे, की 23 टेस्ट शतक, 15 वनडे शतक, टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक, वनडे दोहरा शतक, अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में 17000 से ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय क्रिकेटर सहवाग के नाम है। जिन्होंने एक समय में अपनी बल्लेबाजी से ना सिर्फ दर्शकों बल्कि खुद भारतीय टीम के दूसरे खिलाड़ी और पूरी दुनिया को पागल करके रखा था। आपको बता दे, की ऐसे खतरनाक बल्लेबाज और उनके फैंस के लिए आज का दिन बहुत ही खुशी का है। क्योंकि आज इस खतरनाक बल्लेबाज का जन्मदिन है।

बता दे, की 20 अक्टूबर 1978 को दिल्ली में जन्म लेने वाले वीरेंद्र सहवाग आज 43 साल के हो गए है। आपको बता दे, की इन्होंने 104 टेस्ट, 151 वनडे, 19 टी 20 मैच खेले है। और 2007 में टी20 वर्ल्ड कप और 2011 में वर्ल्ड कप खेलने के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा रह चुके है। आपको बता दे, की एक क्रिकेटर के रूप में सहवाग ने हर वो चीज पा ली। जिसके सपने दुसरे क्रिकेटर्स देखते है। इन्होंने अपनी जोरदार सफलता से नई ऊंचाइयों को छुआ है।

बता दे, की दिल्ली के एक बाहरी इलाके नजफगढ़ में जन्मे सहवाग ने क्रिकेट की शुरुवात उसी इलाके में मौजूद सर माउंट क्लब से की थी। कोच राशि काले थे। और उन्होंने सेहवाह की इस प्रतिभा को तुरंत ही पहचान लिया। उन्होंने सहवाग को सीनियर स्कूल में भेजा। जहां के कोच ए एन शर्मा थे। और इस वक्त ए एन शर्मा स्कूल नेशनल के सिलेक्टर भी थे। जानने वाली बात ये है, की ए एन शर्मा ने सहवाग को 3 दिन तक लाइन में खड़ा रखा। ना ही उन्होंने सहवाग को गेंदबाजी कराई, और न ही बल्लेबाजी कराई।

जब सहवाग चौथे दिन वहां पहुंचे। तो उन्हे 4 गेंद खेलने का मौका मिला। और फिर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। फिर सहवाग के कोच शर्मा से पूछा की उन्हे 3 दिनो तक खेलने का मौका क्यूं नही दिया गया? तब कोच ने जवाब देते हुए उनसे कहा, की वो उनके सब्र का इम्तिहान ले रहे थे। जिसमे वो पास हो चुके है। 4 गेंदों के बाद उन्हें बाहर इसलिए बुलाया गया था। क्योंकि कोच ने उनके टैलेंट को पहचान लिया था। उसके बाद से ही सहवाग का क्रिकेटर बनने का सफर शुरू हुआ। और सहवाग ने जिमिया मिलिया इस्लामिया में एडमिशन लिया। और वहां से वो मद्रास क्लब पहुंचे। जहां के कोच सतीश शर्मा थे। और वो सहवाग को देख कर दंग रह गए। और उनसे पूछा, की अभी सहवाग में अंडर 19 क्यों नहीं खेला। सहवाग में उन्हे बताया। की उन्हे अंडर 19 में खेलने का मौका नहीं मिला।

उसके बाद सतीश शर्मा ने दिल्ली के अंडर 19 इलेवन और जामिया इलेवन का एक मैच रखा। जिसमे उन्होंने सहवाग को लिया और उनसे कहा, की ये तुम्हारा पहला और आखरी मौका है। जिसमे तुम्हे खुद को साबित करना है। इस मैच में सहवाग ने 17 छक्के जड़ दिए। और वो सारे सिक्स यूनिवर्सिटी के पार जाकर ही गिरे। उसमे सहवाग ने 150 रन बनाए। और डीडीसीए को सहवाग का टैलेंट समझ आया। और फिर सहवाग को दिल्ली की टीम में चुन लिया गया। बता दे, की भारत के पूर्व ओपनर श्रीकांत ने उन्हे अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम के चुना। नॉर्थ जोन के लिए खेल रहे। सहवाग ने 73 रनो की पारी खेलते हुए।

श्रीकांत को काफी प्रभावित किया। जिसकी वजह से श्रीकांत ने उन्हे टीम में मौका दिया। सहवाग में बताया। की अंडर 19 टीम में हिस्सा लेने के लिए उनसे पैसों को मांग भी की गई। जिसके लिए सहवाग ने साफ इंकार कर दिया। हालाकि श्रीकांत सहवाग को पहले ही टीम में लेने का मन बना चुके थे। आपको बता दे, की सहवाग भारत टीम के लिए 1999 में डेब्यू पाकिस्तान के खिलाफ किया। और फिर कभी सहवाग ने पीछे पलट कर देखा ही नहीं। उनके करियर में कई बार उतर चढ़ाव भी आए। लेकिन जब तक सहवाग अपने कैरियर के एक महान बल्लेबाज में अपना नाम दर्ज कर चुके थे।