जानिए स्टीव स्मिथ के ज़ीरो से हीरो बनने में कैसे गांगुली ने मदद की थी

ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ के बारे में सभी लोग जानते है की वो कितने अच्छे बल्लेबाज है ,खास कर बात की जाये टेस्ट मैचों की तो, इस फॉर्मेट में उनकी बल्लेबाजी एक अलग ही लेवल की हो जाती है, लेकिन बहुत कम ही लोगो को पता है की स्टीव स्मिथ ने अपने करियर की शुरुआत बतौर लेग स्पिनर के तौर पर की थी उस समय स्मिथ सिर्फ 20 साल के थे और ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वार्न उन्हें काफी पसंद किया करते थे

अपने शुरुआती दौर में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था, पहले तो वो T20 में फेल हो गए, उसके बाद टेस्ट मैचों में भी वो खास कुछ कर नहीं पाए, टेस्ट मैच के डेब्यू से पहले उन्हें आईपीएल में RCB ने ख़रीदा था, लेकिन एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, साल 2011 में उन्हें फिर से आईपीएल में ख़रीदा गया, इस बार उनकी टीम थी कोच्चि टस्कर्स केरला, लेकिन संयोग से वो इस बार भी आईपीएल नहीं खेल पाए, टखने के ओपरेशन के चलते वह पूरी टूनामेंट से ही बाहर हो गए थे

स्मिथ के करियर में बदलाव 2012 में आया, जब पुणे की टीम ने आशीष नेहरा के जगह पर सौरव गांगुली को ख़रीदा, उस सीजन में युवराज सिंह कप्तान थे, लेकिन कुछ कारणवश वो टूनामेंट से बाहर हो गए, जिसके बाद सौरव गांगुली को टीम का नया कप्तान बनाया गया था

बताया जाता है की चैंपियंस लीग T20 के मैचों के दौरान स्मिथ को खेलते देख गांगुली ने खास तौर पर स्मिथ को खरीदने की मांग टीम मैनेजमेंट से की थी, गांगुली को स्मिथ पर पूरा भरोसा था और स्मिथ ने दादा के भरोसे पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया

आईपीएल के इस टूनामेंट में स्मिथ ने काफी जबरदस्त प्रदर्शन किया था, इसी आईपीएल के 47वे मैच में स्मिथ ने बाउंड्री लाइन के नजदीक हवा में उड़ते हुए एक जबरदस्त कैच पकड़ा था, इसी आईपीएल में गांगुली ने एक मैच में स्मिथ को कप्तानी का मौका भी दिया था, उस समय पुणे की टीम में माकइल क्लार्क भी थी, लेकिन गांगुली ने स्मिथ को ही मौका देना बेहतर समझा था इस आईपीएल में स्मिथ ने कुल 362 रन बनाये थे, इसके बाद से ही स्मिथ की चर्चा होने लगी और उन्हें अगले साल भारत दौरे पर ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट टीम में मौका दिया गया था

उनको तीसरे टेस्ट मैच में टीम में शामिल किया गया, इस मैच की पहली पारी में स्मिथ ने 92 रन बनाया था, हालाकी ऑस्ट्रेलिया यह सीरीज बुरी तरह से हार गयी थी लेकिन इसके बाद स्मिथ को लगातार मौके मिलते गए, और उन्होंने अपने प्रदर्शन से टीम में जगह पक्की की और आज वह विश्व के सबसे अच्छे बल्लेबाजों में से एक माने जाते है