वनडे मैच में कभी OUT नहीं हुए ये 3 भारतीय खिलाड़ी, लिस्ट में एक नाम चौकानें वाला

दोस्तो क्रिकेट जगत में हमे एक से एक खतरनाक खिलाड़ी देखने को मिले। जिन्होने अपने प्रदर्शन के दम पर रनो और शतकों की बौछार लगाई। लेकिन क्या आपको पता है, की इनके से कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे जो अपने वनडे कैरियर के दौरान कभी भी आउट नही हुए। भारत के ही 3 ऐसी बल्लेबाज है, जो वनडे कैरियर के दौरान कभी आउट नही हुए।

हालाकि फिलहाल ये सभी बल्लेबाज क्रिकेट की दुनिया से काफी दूर है, और शायद आज इनके बारे में कोई नहीं जानता की ये खिलाड़ी कहा है, और क्या कर रहे है। तो आइए जानते है, ऐसे 3 भारतीय खिलाड़ियों के बारे में। दोस्तो इस लिस्ट का हमारा पहला नाम सौरभ तिवारी है।

सौरभ तिवारी

दोस्तो आपको बता दे, की सौरभ तिवारी ने जिस समय इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना कदम रखा था उस समय उन्हे धोनी का हमशक्ल कहा जाता था। क्योंकि धोनी की ही तरह सौरभ तिवारी भी लंबे लंबे बाल रखते थे, जिसके चलते उन्हे सारे लोग धोनी का डुप्लीकेट कहते थे। बता दे, की सौरभ ने आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम में अपनी एक अलग जगह बनाई थी।

वही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2010 में सौरभ में वनडे क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था। हालाकि दोस्तो सौरभ ने भारतीय टीम के लिए मात्र 3 वनडे मैच ही खेले है। जिसमे वह केवल दो पारियों में बल्लेबाजी दिखा पाए। और इस दौरान इन दोनो पारियों में सौरभ नॉटआउट साबित हुए। हालाकि बाद में उन्हे टीम से बाहर कर दिया गया।

फैज फजल

दोस्तो इस लिस्ट में हम दूसरे खिलाड़ी फैज फजल को रखना चाहेगे। फैज में घरेलू क्रिकेट में खेलकर सभी को अपनी ओर बहुत आकर्षित किया था। और सबसे बड़ी वजह यही थी, की उन्हे भारतीय टीम में मौका दिया गया। इस दौरान फैज ने भारतीय टीम के तरफ से मात्र 1 वनडे मैच खेला।

और साल 2016 में खेला गया ये वनडे मैच जिमवाबे के खिलाफ था जिसमे फैज ने 55 रनो की शानदार पारी को अंजाम दिया था। और इस दमदार अर्धशतक की पारी के बाद ही उन्हे टीम से बाहर कर दिया। और आज तक फैज को भारतीय टीम में वापसी करने का कोई मौका नहीं मिला।

भरत रेड्डी

दोस्तो इस क्रम में हमरा आखरी नाम भरत रेड्डी का है। दोस्तो हो सकता है, की भरत का नाम आज युवा ना जानते हो। लेकिन भरत को भारत के लिए मात्र 3 वनडे मैच खेलने का मौका मिला था। उन्होंने साल 1978 से 1981 तक भारत की तरफ से मैच में शिरकत की। जिसमे उन्हे केवल दो बार बल्लेबाजी करने का मौका दिया गया। और दोनो ही समय वे नाबाद साबित हुए। इसके बाद भारत की तरफ से उन्हे टीम से बाहर किया गया, और इसकी के साथ भरत का मैच कैरियर भी समाप्त हो गया।