टीम इंडिया को विश्व कप दिलाने वाला खिलाड़ी आज 250 रुपए प्रतिदिन मजदूरी करने को मजबूर

टोक्यो ओलिंपिक 2020 में देश के लिए पदक जीतने वाले सभी भारतीय खिलाड़‍ियों पर सरकारें, संस्‍थाएं और अलग अलग बिजनेसमैन जमकर पैसा बरसा रही है. देश के नाम समूचे दुनिया के सामने रौशन करने वाले इन खिलाड़ियों को ब्रांड अम्‍बेस्‍डर बनाने के लिए तमाम कंपनियां आगे आ रही है गौरतलब है कि इन खिलाड़ियों ने मैडल जीतकर अपने देश का मान बढ़ाया है.

लेकिन भारत में आज भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्‍होंने भारत का अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर मान-सम्मान बढ़ाया मगर आज ये खिलाड़ी इस बदलते भारत के गुमनामी में किसी तरह अपनी परिवार का पालन-पोषण कर रहे है.

ऐसी ही दुखद कहानी है भारत के एक क्रिकेट खिलाड़ी की, जिसने भारतीय टीम को विश्व कप दिलाने में बेहद अहम भूमिका निभाई थी लेकिन आज वही खिलाडी किसी तरह मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहा है.

प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे नरेश तुमदा

दरअसल ये कहानी 2018 में संपन्न हुए नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का सदस्य रह चुके नरेश तुमदा की है. गुजरात में जन्मे, नवसारी के नेत्रहीन भारतीय क्रिकेटर नरेश तुमदा विश्व कप विजेता टीम की प्लेइंग इलेवन के सदस्य थे, जिसने मार्च 2018 में शारजाह स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड-कप के फाइनल मैच में पाकिस्तान द्वारा दिए गए 308 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई थी

गुजरात के मुख्यमंत्री से बार बार कर चुके है नौकरी देने कि गुजारिश, मगर अब तक इन्हे कुछ भी हासिल नहीं हो पाया है

भारत को 2018 नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप जीतने में मदद करने वाली प्लेइंग एलेवेन के सदस्य रह चुके नरेश तुमदा अब अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए नवसारी में मजदूरी करते हैं. उन्होंने बताया कि, “मैं प्रतिदिन केवल 250 रुपये ही कमा पा रहा हूं.. तीन बार यह के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला. मैं एक बार फिर से हमारी सरकार से मुझे नौकरी देने का आग्रह करता हूं ताकि मैं अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकूं.